Sunday, April 14, 2019

दो दिल प्यार में



दो दिल प्यार में 
डूबे हुए भीगे हुए 
एहसास जो दबे 
भावनायें मचले हुए 
रहते दूर-दूर मगर 
दिल रहे आस-पास
जैतून के पेड़ पर 
रोज़ मिलने का बहाना 
और न मिले तो फिर 
देर-देर तक आवाज़ देना 
तुम्हारी याद आती है 
चले आओ की बैठक 
बुलाती है !

~ फ़िज़ा  

No comments:

जीवन तो है चलने का नाम ...!

जीवन है चलने का नाम  देते यही सबक और धाम   कुछ लक्ष्य जीवन के नाम  रख देते हैं समाज में पैगाम  चंद गंभीरता से पहुँचते मुकाम  ...