Posts

Showing posts with the label Saathi

तब आयी एक नन्ही कली...

Image
जहां में थी जब मैं अकेली  तब आयी एक नन्ही कली  सोचा न था, मैं हैरान हूँ पगली ! बस यकीन था खुद पर  चलना,सफर गर ज़िन्दगी  सोचा न था, मैं हैरान हूँ पगली ! तो साथ में हो मेरी सखी  छोटी थी मेरी राजदार मगर  सोचा न था, मैं हैरान हूँ पगली ! हर सुख-दुःख में निभानेवाली  मेरी नन्ही कली, चंचल मतवाली  सोचा न था, मैं हैरान हूँ पगली ! कभी हम ज़िंदादिली सीखाएं  तो कभी वो हमें सीखाएं  सोचा न था, मैं हैरान हूँ पगली ! है तो मेरी ही विस्तार  मगर मैं मुड़कर देखूं पीछे  सोचा न था, मैं हैरान हूँ पगली ! अपनी उम्र न कभी गिनी मैंने  कब हो गयी ये फूल मेरी कली  सोचा न था, मैं हैरान हूँ पगली ! फिर सोचूं क्यों मैं गिनूँ साल  अब तो है मेरी बराबर की सखी  सोचा न था, मैं हैरान हूँ पगली ! ~ फ़िज़ा