कभी वो पडोसी हुआ करता था ...
आज सवेरे सवेरे खबर सुनी कोई जानकार जो रोज़-रोज़ गुड मॉर्निंग और गुड नाईट के व्हाट्सप्प मेसेजस भेजते कभी थकता न था, पर आज के बाद कभी भी वो मैसेज नहीं करेगा उसे कोरोना ने जब्त कर लिया कभी वो पडोसी हुआ करता था जाने-अनजाने कितनी बातें हुईं जो सिर्फ यादें बनकर रह गयीं आखिरी वीडियो जो उसने भेजा वो कोरोना की स्कीम वाली थी आज की खबर सुनकर ऐसा लगा मानों वो ये संदेशा दे गया जाते खुश रहो जिस हाल में भी हो कोरोना अपनों से दूर ही करेगा संभलकर रहो दोस्तों ये जानलेवा है सुरक्षित रहो वर्ना कोरोना आजायेगा मेरी श्रद्धांजलि इन पंक्तियों द्वारा अच्छा इंसान था वो जो अब नहीं है ! ~ फ़िज़ा