शिक्षा : सबसे बड़ा अस्त्र
कलम की स्याही से
सभ्यताएँ जन्म लेती हैं,
ज्ञान से राष्ट्र बनते हैं,
और शिक्षा ही वह प्रकाश है
जो जीवन की हर राह को रोशन करता है।
मैं उस भारत की बेटी हूँ,
जिसकी शिक्षा ने मुझे
कनाडा और अमेरिका तक पहुँचने का साहस और सम्मान दिया।
आज जो कुछ भी हूँ,
उसमें मेरे गुरुओं, मेरे विद्यालयों
और भारतीय शिक्षा की अमूल्य देन है।
पर आज मन व्यथित है।
जब विद्यार्थी
अपने अधिकार—शिक्षा—के लिए सड़कों पर उतरते हैं,
जब विद्यालयों के बंद होने की खबरें आती हैं,
और जब एक बेटी को शिक्षा के लिए
अपना जीवन गंवाना पड़ता है,
तो यह केवल एक परिवार का नहीं,
पूरे राष्ट्र का दर्द बन जाता है।
याद रखिए...
सबसे बड़ा अस्त्र
न सत्ता है,
न शस्त्र।
सबसे बड़ा अस्त्र है—
शिक्षा।
यही एक बच्चे को
गाँव से दुनिया तक पहुँचा सकती है।
मैं उन सभी विद्यार्थियों के साथ खड़ी हूँ
जो शिक्षा व्यवस्था में
सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही की माँग कर रहे हैं।
आज भी दिनकर की हुंकार
उतनी ही प्रासंगिक है—
"सिंहासन खाली करो कि जनता आती है।"
आइए,
हर बच्चे का शिक्षा का अधिकार सुरक्षित करें,
क्योंकि जब हर हाथ में किताब होगी,
तभी हर राष्ट्र सच में महान होगा।
~ फ़िज़ा

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