ये मतवाला।


 

माइक हाथ में, अंदाज़ निराला,
स्टेज पे आते ही छा गया ये मतवाला।

बात शुरू करे तो हंसी रुकती नहीं,
सीरियस दिखे, पर बातें होती सीधी नहीं।

थोड़ा सोचकर, फिर पंचलाइन गिराते,
लोग हंस-हंस कर आंसू तक बहाते।

चेहरे पे सादगी, दिमाग में तूफ़ान,
हर लाइन में छुपा होता मज़ेदार सामान।

ये कोई आम इंसान नहीं जनाब,
हंसी का चलता-फिरता इंतज़ाम है ये ख़ास।

~ फ़िज़ा 

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