Wednesday, January 05, 2022

उसके जाने का ग़म गहरा है

 

जिस बात से डरती थी 

जिस बात से बचना चाहा 

उसी बात को होने का फिर 

एक बहाना ज़िन्दगी को मिला 

कोई प्यार करके प्यार देके 

इस कदर जीत लेता है दिल 

न हम जी पाते हैं उसके बगैर 

मरते हैं पर उसकी हर अदा पर 

ज़िन्दगी जीने का एक बहाना 

जो देती है सभी को हर पल 

उसके जाने का ग़म गहरा है 

जिस कदर वो नस-नस में बसी 

मुश्किल है इस दर्द की हद पाना 

ज़र्रे-ज़र्रे में है यादों का नगीना  

समझ न आये उसके जाने का 

या फिर उसके ज़िंदादिली का 

जश्न मनाएं !?!


~ फ़िज़ा  

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ख़ुशी

ज़िन्दगी के मायने कुछ यूँ समझ आये  अपने जो भी थे सब पराये  नज़र आये सफर ही में हैं और रास्ते कुछ ऐसे आये  रास्ते में हर किसी को मनाना नहीं आया...