Tuesday, August 28, 2018

जाग इंसान क्यों दीवाना बना ...!



सुना था जानवर से इंसान बना
मगर हरकतों से जानवर ही रहा  !
इंसान बनकर कुछ अकल्मन्द बना
मगर जात -पात  में घिरा रहा  !
वक़्त बे-वक़्त इंसान ज़रुरत बना
 
वहीं इंसान के जान का प्यासा रहा !
इंसान शक्तिशाली बलिष्ट बना
वहीं जानवर से भी नीचे जा रहा !
समय कुछ इस तरह है अब बना
जानवर से सीखना यही उपाय रहा !
यही तो आदिमानव से इंसान बना
फिर क्यों भूतकाल में बस रहा?
जाग इंसान क्यों दीवाना बना
वक़त सींचने का जब आ रहा !

~ फ़िज़ा

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ख़ुशी

ज़िन्दगी के मायने कुछ यूँ समझ आये  अपने जो भी थे सब पराये  नज़र आये सफर ही में हैं और रास्ते कुछ ऐसे आये  रास्ते में हर किसी को मनाना नहीं आया...