Friday, April 27, 2018

खोखले इंसान




खोखले मकान
खोखले दूकान
खोखले अरमान
खोखले इंसान
खोखली हंसी
खोखली दोस्ती
खोखली सोच
खोखली पहचान
जीवन व्यर्थ है
खोखलेपन में
व्यर्थ है दिखावा
दोहरी ज़िन्दगी
स्वयं खोखलेपन में
घूम हैं आज इंसान 

~ फ़िज़ा 
#happypoetrymonth

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