Posts

Showing posts from 2006

वो राहगिर जगह-जगह घूम आयेगा

क्‍या ज़माना बदल गया?

ज़िंदगी तेरे तो खेल निराले हैं

आज भी लकडियाँ बँटोरता हूँ...

एक उपन्‍यास की जुस्‍तजू़ में

मुफक्‍किर बना दिया

तसनिफ हमें आ गई

पेहली नज़र का धोखा

औफिस केक्‍युबिकल से....

एक तुम से न हो पाये दूर शाम-ओ-सेहर

बूँदें

जाना! सुबह हो गई...

आज भी, उम्‍मीद का दिया ही जला आये!

'फिजा़', मेरी मुहब्‍बत में न जाने

मेरा इंद्रधनुष

मेरे सवाल का कोई तो हल निकालो..!!?!!

सर्द हवाओं ने फिर छेडी है जैसे

नई जगह है नये हैं लोग, नई है फिजा फिर भी...

हम कहाँ के हैं इंसान....?

भीगा भीगा मौसम है....

बाली उमर में हम को लगा है ये रोग

किसी सौदाई की चाहत में जिसे ठुकराया कभी...!!

कौन हुँ मैं ?

तेरा इंतजार करती है ....!!!!

जिंदगी बहुत अनमोल है......!

बचपन के वो पल !!!!