Wednesday, April 05, 2006

बूँदें

कल से बडी ज़ोरों से बारिश हो रही है...ऐसी घमासान बारिश के बस पूछो नहीं।
मन तो करता है, जैसे निकल पडें बरसात में ऐसे बिना बरसाती और छाते के फिर जो हो सो हो....


बारिश की बूँदें जब
टप-टप करके गिरतीं हैं
कितने सुहाने और मीठे
ऐहसास ये जगातीं है।

मोतियों सी ये बूँदें
मन पर चंचल वार करतीं हैं
आवारा बादल की भाँति
मन, सुहाने पल में खो जाता है।

कितने ही पल में जी उठती हुँ
हर बूँद जब मिट्‍टी से जा मिलती है

मेरे भी चंचल मन में
इंद्रधनुष सी रंगत भर देतीं हैं।

छोटी-छोटी बूँदों जैसे उनकी बातें
मन के ख्‍यालों में सौ बीज हैं बोतीं
उन बीजों को सिंचने के
नये-नये हल ढुंढ निकालती।

कब बूँदों जैसे मैं मिल जाऊँ
दरिया के सिने से लग जाऊँ
उन के ही रंग में रंग जाऊँ
कैसा जादू कर देतीं हैं।


सावन के ये बरसाती बूँदें
कहीं हैं ये उमंग लातीं
कहीं ये सुख-चैन ले जातीं
दोनों ही पल सबको सताती।

कुछ मीठे तो कुछ खट्‍टी यादें
हर एक का मन ललचातीं
ऐसी ही कुछ सपने बुनने
वो कुछ पल हमको दे जातीं।


एक उषा की किरण जैसे
सबके मन में विनोद हैं लातीं
कितने ही सच्‍चे और मीठे
जीने की हैं राह दिखाते।

~ फि़जा़

7 comments:

Manish said...

एक उषा की किरण जैसे
सबके मन में विनोद हैं लातीं

कितने ही सच्‍चे और मीठे
जीने की हैं राह दिखाते।

hmmmmmmmm .....:)

Dawn....सेहर said...

manish: bas sirf muskuradiye...aur kuch nahi kahoge :)

cheers

Udan Tashtari said...

"कुछ मीठे तो कुछ खट्‍टी यादें
हर एक का मन ललचातीं
ऐसी ही कुछ सपने बुनने
वो कुछ पल हमको दे जातीं।"

बहुत ही बढिया चित्र खिंचा है, फ़िजा जी आपने...बहुत बधाई.
समीर लाल

Dawn....सेहर said...

उडन तश्तरी : sameer ji aapka bahut bahut shukriya jo aapne hamari pazirayee ki...umeed hai aage bhi aap aise hee housla badhayeinge
adaab
fiza

kaunquest said...

i will be visiting kerala in june :), I look forward to the monsoon rain.

Nice poem..

Nagu said...

kafi acchi liney hamesha ki tarah!aaj yaahan marseille mein bhi baarish ho rahi hain.

Dawn....सेहर said...

kaunquest: Oh June...I somehow missed tht :D...I was visiting Kerala during June last year...n have blogged the experience too ;) its fun to go out on the bike ..:D..Bon voyage to u ...hv fun!
Cheers

nagu:Wah! kya baat hai..barish ke naam se hee mere mann mein ek ajeeb se halchul mach jaati hai...gili mitti ki khushbu anayas hee mehak ooth ti hai..maano mere hee aas paas barish hui ho :D...
aapke houslafjayee ka bahut bahut shukriya...umeed hai aage bhi is nacheez ki nazmon ko aapka sahara milega :)
Cheers

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