Posts

Showing posts from December, 2015

ज़िन्दगी जीने का नाम है ...!

क्या ग़म है मोहब्बत में जीना?

दरअसल राहें बदल गयीं इस करके भी....

सुलगती हुई ज़िन्दगी को दो उँगलियों के सहारे ...!!!

चला जा रहा था ...