Posts

ज़िन्दगी का नाम है चलना

Image
ज़िन्दगी का नाम है चलना  बाकि सब नियति का खेलना  कुछ प्यारी ज़िन्दगी का जाना  कुछ प्यारी ज़िन्दगी का आना  मगर यादों की पुड़िया बनाना  वही है आखिर में रहा जाना  क्यूंकि जीवन का नाम है जीना  जीवनदान का दें हम नगीना   हर ज़िन्दगी न हो पाए बचाना  एक ज़िन्दगी ही सही, रचना  ज़िन्दगी का नाम है चलना ! ~ फ़िज़ा  

उसके जाने का ग़म गहरा है

Image
  जिस बात से डरती थी  जिस बात से बचना चाहा  उसी बात को होने का फिर  एक बहाना ज़िन्दगी को मिला  कोई प्यार करके प्यार देके  इस कदर जीत लेता है दिल  न हम जी पाते हैं उसके बगैर  मरते हैं पर उसकी हर अदा पर  ज़िन्दगी जीने का एक बहाना  जो देती है सभी को हर पल  उसके जाने का ग़म गहरा है  जिस कदर वो नस-नस में बसी  मुश्किल है इस दर्द की हद पाना  ज़र्रे-ज़र्रे में है यादों का नगीना   समझ न आये उसके जाने का  या फिर उसके ज़िंदादिली का  जश्न मनाएं !?! ~ फ़िज़ा  

हौसला रखना बुलंद

Image
  फिर नया साल आया  वोही पुराने सिलसिले  मास्क टीके बूस्टर संग  उम्मीदों से भरा नया साल  कोशिश अब भी वही है  खुश रहो, सतर्क रहो  नादानी से बचे रहो   शायद दो हज़ार बाइस  नयी उमंगों से भरा हो  नए मौके, नयी ताकत  स्वस्थ रहे सभी जनवासी   मगर हौसला रखना बुलंद  धैर्य साहस और संतुष्टि से  भरा हो ये नया साल दोस्तों  बस, कोविड से रहना दूर  न इसकी दोस्ती अच्छी  और न ही इसकी दुश्मनी  अपने और अपनों को रखना  इस से मेहफ़ूज़ दोस्तों  दुआ यही है सलामत रहे  ये आने वाला नया साल  ख़ुशी से उम्मीदों से भरा  रहे आप सभी का नया साल ! ~ फ़िज़ा 

दिवाली की शुभकामनाएं आपको भी !

Image
  दशहरे के जाते ही  दिवाली का इंतज़ार  जाने क्यों पूनावाली  छह दिनों की दिवाली  एक-एक करके आयी  दीयों से मिठाइयों से  तो कभी रंगोलियों से  नए कपड़ों में सजके  मनाया तो हमने भी  मगर सोच में हर वक्त  बचपन की दिवाली  पठाखे और फुलझड़ियों  में ही खो सा गया कहीं  अब तो दिवाली सिर्फ  दिलों में यादों में और  चंद लम्हों में क़ैद है  जाने कब ये रिहा होंगे  क़ैदख़ानों से ! ~ फ़िज़ा 

जलियानावलां बाग़ !

Image
  लोगों की भीड़ थी पार्क में  जैसे कालीन बिछी ज़मीं पे  एक ठेला चलाता हुआ दिखा  जो भर-भर लाशें एक-एक  कोशिश करता बचाने की  डॉक्टर ने पुछा और कितने  सौ से भी ज्यादा कहा वो  फिर भागा लाश उठाने  लोगों को बचाने उधम सिंह ! ~ फ़िज़ा 

सुनियेगा मेरा पॉडकास्ट !

Image
दोस्तों हाल ही में मैंने अपना एक हिंदी में पॉडकास्ट शुरू किया है.  ये पॉडकास्ट मैंने एंकर अप्प के ज़रिये शुरू किया है, जहाँ मैं रोज़ नए-नए, मनचाहे विषयों पर बात करती हूँ - ये है UshaDawn - Hindi Podcast   ये पॉडकास्ट आप गूगल , एप्पल पॉडकास्ट , और spotify में भी सुन सकते हैं. दर रोज़ मैं पसिफ़िक टाइम सुबह के ३ बजे पब्लिश करती हूँ - आप सुनियेगा ज़रूर ! कुछ खट्टी-मीठी बातें लेकर  आयी हूँ कुछ वक़्त बिताने  संग तुम सभी के मिलकर  जीवन की कुछ विस्मय बातें  पसंद आये तो संग चलना   नहीं आये तो कहते जाना  साझेदारी है मिलकर करना  प्रतिक्रिया जो भी हो दे देना  मगर मेरा ये पॉडकास्ट तुम  ज़रूर सुनना दोस्त हो आखिर ! ~ फ़िज़ा

मेरी भाषा हिन्दी !

Image
  मेरे ख्वाब, मेरी सोच, मेरे बोल, मेरे ख्याल , सभी कुछ जेहन में मेरे , यूँ सजकर संवरकर हैं, वो प्रेम हो या क्रोध, एहसास हो या भावना, कविता हो या गद्य या  हो कहानियाँ दिल में  सभी आते हैं हिंदी में  आत्मविश्वास जगाता  हिन्दी भाषा है वो दाता  मधुर, सरल, सहज है  बोलने, समझने में है  बदलती सबकी काया ! ~ फ़िज़ा  हिन्दी दिवस की शुभकामनाएं !