Saturday, November 21, 2015

स्वर्ग है या नरक ...!!!


स्वर्ग हो या नरक 
दोनों ही एक रास्ते 
के दो छोर हैं 
कभी नहीं मिलते मगर 
साथ भी नहीं छोड़ते 
रास्ता जो है ज़िन्दगी 
बस, चलती रहती है !
कहते हैं अभी जहन्नुम 
और जन्नत यहाँ कहाँ है 
वो तो मौत के बाद हासिल है 
किसने कहा की मौत आसान है 
मौत के लिए भी करम करने होते हैं 
इस करके भी स्वर्ग और नरक 
दोनों इसी जहाँ मैं हैं !
जीना है तो दोनों के साथ 
वर्ना मौत तो एक बहाना है 
एक नए दौर पर निकलने का 
नयी राह थामने का 
एक नए सिरे से ढूंढने का 
स्वर्ग है या नरक 
दोनों यहीं हैं भुगतना !

~ फ़िज़ा 

No comments:

ज़िन्दगी से क्या चाहिए ...

ज़िन्दगी के धक्कों में  कहीं जवानी और ज़िन्दगी  दोनों खो गयीं उम्र के दायरे में  रहगुज़र करते-करते  ज़िन्दगी से क्या चाहिए  ये भ...