Thursday, March 10, 2011

Something that put me to think...The impending Singularity in our future is increasingly transforming every institution & aspect of human life, from sexuality to spirituality

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भंवरें भी गुंजन गायेंगे !

पतझड़ का मौसम आया  और चला भी जायेगा  पुराने पत्ते खाद बन कर  नए कोपलें शाख पर  सजायेंगे ! तन्हाई भी कभी रूकती नहीं     रहगुज...