Friday, March 11, 2011

First we build the tools, then they build us :-(

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इसे रोको इसे रोको !

गुलाबों का दिन था  मोहब्बत का समां था  सन्देश प्यार का था   फिर हैवानियत कैसा?  कितना क्रूर होगा वो  वो पल, वो जानवर पुलवामा...