Sunday, July 21, 2019

बस इंतज़ार है के कब दीद हो रंगीन फ़िज़ा में !!



किसी के रहते उसकी आदत हो जाती है 
उसके जाने के बाद कमी महसूस होती है !
हर दिन के चर्ये का ठिकाना हुआ करता है  
अब जब गए तो राह भटके से ताक रहे हैं !
जब साथ रहते हो तब उड़ जाते हैं हर पल
अब काटते नहीं कटते ठहर गए सब पल ! 
महसूस हो गया है तुम्हारे रहने और न रहने में 
बस इंतज़ार है के कब दीद हो रंगीन फ़िज़ा में  !!

~ फ़िज़ा 

1 comment:

paulgaware said...

Wawh sahi kaha
Regards
Paul

बस इंतज़ार है के कब दीद हो रंगीन फ़िज़ा में !!

किसी के रहते उसकी आदत हो जाती है  उसके जाने के बाद कमी महसूस होती है ! हर दिन के चर्ये का ठिकाना हुआ करता है   अब जब गए तो राह भट...