Saturday, October 29, 2016

मुझे दिवाली की शुभकामनाएं चाहिए तुमसे!!!

कुछ रिश्ते नब्ज़ की तरह गहरे 
सांस की तरह छिपे नज़र आते हैं 
दोस्ती की ये नब्ज़ सिर्फ समझ है 
न किसी नाम और किरदार में 
वक़्त पड़ने पर हाज़िर होना और 
खुशियों में दुआएं देना यही तो था ?
शायद इन्ही वजह से वो नब्ज़ की तरह 
गहराई में जा बैठा और फिर 
एक हौसला सा रह गया कहीं दिल में 
के कोई हो न हो मेरा ये दोस्त हमेशा है 
साथ मेरे जो करे सभी का भला 
ज़मीन से जुड़ा ये शख्स ले आये 
जान अपनी ज़िन्दगी में फिर एक बार 
पुकारते हैं तुम्हें - चले भी आओ निद्रा से
बहुत हुआ आराम अब उठो मिलो सभी से 
मुझे दिवाली की शुभकामनाएं चाहिए तुमसे !!!

~ फ़िज़ा 

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