Monday, September 01, 2014

'रेडियो ज़िंदगी जिये जा' यही है आज का नारा!!!





दिल हूँ में आखिर तुम्हारा

तुमने ही है मुझे संवारा

तुम्ही को मैने हॅसाना चाहा

तुम्ही ने मुझे दिया वो सहारा

आज मैं हूँ तीन साल का कुंवारा

मेरे संग यूं ही चलना तुम दिलदारा

अभी ये सफर है लम्बा मेरे यारा

खुशियों से पलता हुआ मैं आवारा

राहों पे चलता हुआ साथी तुम्हारा

रखना दिल के करीब है ये मशवरा

क्यूंकि विदेश में धड़कता दिल हूँ तुम्हारा

मुबारक हो ये समा तुम्हारा-हमारा

बहुत आगे जाना है साथ चाहिये तुम्हारा

दुआओं में रखना 'फ़िज़ा' इंतेज़ा है ये मेरा

'रेडियो ज़िंदगी जिये जा' यही है आज का नारा!!!

~ फ़िज़ा
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Dil hun mein aakhir tumhara
Tumne he hai mujhe sanwara
Tumhi ko meine hasaana chaha
Tumhi ne mujhe diya woh sahara
Aaj mein hun teen saal ka kunwara
Mere sang yun he chalna tum dildara
Abhi ye safar hai lamba mere yaara
Khushiyon se palta hua mein awara
Raahon pe chalta hua sathi tumhara
Rakhna dil ke kareeb hai mashwara
Kyunki videsh mein dhadkta dil hun tumhara
Mubarak ho ye sama tumhara-hamara
Bahut aage jaana hai sath chahiye tumhara
Duaon mein rakhna 'fiza' inteza hai ye mera
Radio Zindagi JIye Ja yehi hai aaj ka naara !!!
~ Fiza

2 comments:

neeraj neer said...

बहुत खूबसूरत फिज़ा :)

Fiza Dawn said...

बहुत-बहुत शुक्रिया कविता पढ़ने का और यहाँ पर लिखकर हौसलाफ़ज़ाई करने का :)

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